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इस केन्द्र द्वारा शहद एव अन्य हर्बल उत्पाद ’’विन्ध्य हर्बल्स’’ उत्पाद श्रृंखला के
अंतर्गत निर्माण एवं विपणन मध्यप्रदेश राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल के
द्वारा किया जा रहा है। ‘‘विन्ध्य वैली’’ के नाम से मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग
बोर्ड भोपाल के लिए भी शहद का निर्माण यहां किया जा रहा है।
i) कच्चे माल की प्राप्ति
प्राथमिक रूप से लघुवनोपज का कच्चा माल व शहद जिला यूनियनो के माध्यम से क्रय किया
जाता है। कभी-कभी केन्द्र कच्चे माल की खरीदी को स्थानीय कृषकों एवं उत्पादकों से उत्साहित
करता है। कच्चे माल की प्रयोगशाला जांच होती है। यदि गुणवत्ता मानदण्डों के अनुसार
कच्चा माल खरा नहीं उतरता तो खुली निविदा आमंत्रित कर कच्चे माल की आपूर्ति की जाती
है। कच्चे माल को प्रसंस्करण इकाई में भेजने से पहले प्रयोगशाला मे इसकी जांच कराई
जाती है।
ii) प्राथमिक प्रसंस्करण
कच्चे माल की मानकता एव छंटाई की जाती है एवं आवश्यकतानुसार सफाई एव धुलाई की जाती
है। प्राकृतिक तरीके से माल को सुखाया जाता है।
शहद के मामले मे फिल्ट्ेशन एसेम्बली द्वारा इसे छानकर स्टील/पाॅलीस्टीरोन कंटेनर्स
मे सुविधा अनुसार आगे के प्रसंस्करण हेतु भण्डारित किया जाता है।
iii) द्वितीयक प्रसंस्करण
विभिन्न जड़ीबूटी उत्पादों को विभिन्न प्रकार के स्वरूपों, जैसे- चूर्ण, दाने, केप्सूल,
सत, तेल, शर्बत आदि के रूप मे तैयार किया जाता है। चूर्ण तैयार करने हेतु कच्चे माल
के छोटे-छोटे टुकडे कर चूर्ण बनाने वाली चक्की मे ठन्डी विधि से पीसा जाता है।
सभी प्रकार के उत्पाद निर्माण मे उत्तम विधियो एवं साफ-सफाई नियमो का पालन किया जाता
है। पूर्ण प्रसंस्करण विधियो का पालन आयुर्वेदाचार्यो ’’अनुभवी व्यक्ति’’ की देख -रेख
में किया जाता है। निर्माण के भिन्न स्तरों मे नमूने एकत्र कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु
प्रयोगशाला भेजा जाता है।
कच्चे शहद के प्रकरण मे इसे शुद्धता हेतु स्वचलित संयंत्र के अधीन साफ कर उच्च दाब
फिल्ट्ेशन एसेम्बली से गुजारा जाता है। हवा के बुलबुलो एवं मोम को पूरी तरह अलग करने
हेतु इसे कम से कम 15 दिन तक स्टील के कंटेनर्स मे रखा जाता है। पैकेजिंग के पूर्व
इसे अल्ट्ावायलेट किरणों से गुजारा जाता है जिससे सूक्ष्म जीवाणु आदि नष्ट हो जाते
हैं।
iv) मूल्य संवर्धन एवं उत्पाद निर्माण
खाद्य एवं औषधी, एग्मार्क प्रमाणकों द्वारा लायसेस प्राप्त उत्पादों का निर्माण परम्परागत
तरीके से बनाये जाते है। कुछ दवाओं को गाय के शुद्ध घी से साफ करने की प्रणाली उपयोग
मे लाई जाती है।
v) पैकेजिंग
जड़ी बूटी उत्पाद भलीभांति जल-रोधी खाद्य मानक कंटेनर्स मंे भरे जाते है। जिनका मुंह
एल्युमिनियम फाॅयल से बंद कर ढक्कन लगाया जाता है। दवा नियमो के अनुसार दवा संबंधी
आवश्यक जानकारी लिखे लेवल चिपकाये जाते है। तदोपरांत जलरोधि-पट्टी चढाई जाती है। इसके
बाद इन दवाओ को कोरूगेटेड बाक्स मे रखकर लेबल लगाते हुये स्ट्ेप से कस दिया जाता है।
शहद की पैकिंग करते समय यह सावधानी रखी जाती है कि ट्ान्सपोर्ट मे कोई टूट फूट न हो।
गुणवत्ता सुनिश्चयन
कच्चे माल की खेप के केन्द्र मे पहुचने के पूर्व उसे गुणवत्ता जांच के हवाले किया जाता
है। प्रसंस्करण की विभिन्न प्रक्रियाओ के मध्य भी नमूने एकत्र कर प्रायोगिक जांच की
जाती है। पूर्ण प्रक्रियाएंे आयुर्वेदाचार्यो की कडी देख-रेख मे सम्पन्न होती है।
साफ -सफाई एवं निर्माण कुशल स्टाफ के द्वारा सावधानी से तय समय मे किया जाता है।
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